नई दिल्ली। लखनऊ में सैलून मैनेजर रत्ना सिंह आत्महत्या मामले ने बड़ा तूल पकड़ लिया है। इस मामले में लगातार नए खुलासे और पुलिस कार्रवाई सामने आ रही है। गोरखपुर की रहने वाली 32 वर्षीय रत्ना सिंह लखनऊ के गोमती नगर विस्तार स्थित मानसून सैलून में मैनेजर के पद पर कार्यरत थीं। कुछ दिन पहले उन्होंने अपने कमरे में फांसी लगाकर जान दे दी थी।
आत्महत्या से पहले रत्ना सिंह ने 26 सेकंड का एक वीडियो भी रिकॉर्ड किया था, जिसमें उन्होंने सैलून मालिक शरद सिंह, उनकी पत्नी पल्लवी जोशी समेत कुछ अन्य लोगों पर मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए थे। यह वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद मामला और भी गंभीर हो गया।
परिजनों ने आरोप लगाया कि रत्ना सिंह को लगातार प्रताड़ित किया जा रहा था, जिससे वह मानसिक रूप से टूट गईं और उन्होंने यह कदम उठाया। घटना के बाद परिजनों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर न्याय की मांग की, जिसके बाद पुलिस और प्रशासन हरकत में आया।
मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी शरद सिंह सहित कई लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं उनकी पत्नी पल्लवी जोशी को मुंबई से हिरासत में लिया गया है। पुलिस ने अन्य आरोपियों की भी गिरफ्तारी की पुष्टि की है और जांच जारी है।
कार्रवाई के तहत संबंधित सैलून और उससे जुड़े प्रतिष्ठानों पर प्रशासन ने सीलिंग की कार्रवाई की है। साथ ही आरोपियों की संपत्तियों पर भी बुलडोजर एक्शन लिया गया है, जिससे पूरे इलाके में हलचल मच गई है।
पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि रत्ना सिंह पर लंबे समय से दबाव बनाया जा रहा था। वहीं अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। इस मामले में एक होटल मैनेजर को पहले ही देवरिया से गिरफ्तार किया जा चुका था।
रत्ना सिंह के पिता रेलवे कर्मचारी हैं और परिवार का राजनीतिक व सामाजिक जुड़ाव भी बताया जा रहा है। परिजनों ने सभी दोषियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की है और कहा है कि उनकी बेटी को न्याय मिलना चाहिए।
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी है और सभी डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है। यह मामला न केवल लखनऊ बल्कि पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बना हुआ है।
