बैठक में निर्देश दिया गया कि सभी एसी बसों के एसी सिस्टम की नियमित जांच की जाए और हर तीन महीने में उनका मेंटेनेंस व साफ-सफाई अनिवार्य रूप से कराई जाए। अधिकारियों ने चेतावनी दी कि खराब रखरखाव के कारण एसी कम्प्रेसर ओवरहीट होकर शॉर्ट सर्किट और आग जैसी घटनाओं का कारण बन सकता है।
सभी यात्री बसों में निर्धारित मानक के फायर एक्सटिंग्विशर रखना अनिवार्य किया गया है, साथ ही ड्राइवर और कंडक्टर को इसका उपयोग करने का प्रशिक्षण देने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि आपात स्थिति में आग पर तुरंत नियंत्रण पाया जा सके।
क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी ने यह भी निर्देश दिए कि बसों में किसी भी प्रकार के ज्वलनशील पदार्थ जैसे पेट्रोल, डीजल, केरोसिन या विस्फोटक सामग्री का परिवहन सख्ती से प्रतिबंधित रहेगा। इसके अलावा सभी एसी बसों में फायर डिटेक्शन एंड सप्रेशन सिस्टम (FDSS) लगाने और स्लीपर कोच बसों को AIS-119 मानकों के अनुसार तैयार करने को कहा गया है।
जिन बस संचालकों को पहले नोटिस जारी किए गए थे, उन्हें 25 मई तक क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय में वाहनों का भौतिक सत्यापन कराने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही ड्राइवर और कंडक्टरों का व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर सुरक्षा संबंधी सूचनाएं साझा करने की व्यवस्था करने पर भी जोर दिया गया है।
