आदेश में कहा गया है कि 8 फरवरी 2023 को जारी यूपी पुलिस की सोशल मीडिया पॉलिसी के बावजूद कई पुलिसकर्मी और प्रशिक्षणाधीन जवान नियमों की अनदेखी कर रहे हैं। वर्दी में रील, फिल्मी डायलॉग और आपत्तिजनक कंटेंट पोस्ट करने से पुलिस की छवि और गरिमा पर असर पड़ रहा है, जिसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
प्रशासन ने सभी जिलों के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में ऐसे पुलिसकर्मियों की पहचान करें जो सोशल मीडिया नियमों का उल्लंघन कर रहे हैं और उनके खिलाफ तुरंत कार्रवाई करें। साथ ही हर महीने इस कार्रवाई की रिपोर्ट पुलिस मुख्यालय को भेजना अनिवार्य किया गया है।
मुख्यालय ने यह भी आदेश दिया है कि जिन मामलों में नियम उल्लंघन पाया जाएगा, उनसे जुड़ी पोस्ट का स्क्रीनशॉट और URL सुरक्षित रिकॉर्ड के रूप में रखा जाए ताकि ठोस कार्रवाई की जा सके।
हाल के दिनों में यूपी पुलिस के कई जवानों द्वारा सोशल मीडिया पर रील बनाने के मामले सामने आए हैं। कुछ मामलों में वर्दी में फिल्मी गानों पर वीडियो बनाने, ट्रेनिंग के दौरान ड्रिल को मनोरंजक अंदाज में दिखाने और प्रोफाइल में ‘Singham’ जैसे टैग इस्तेमाल करने पर कार्रवाई भी हुई है।
साल 2025 में भर्ती हुए हजारों नए सिपाही भी सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय हैं, जिनकी रील्स और वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं। इसी को देखते हुए विभाग ने यह कदम उठाया है ताकि अनुशासन और पुलिस की छवि बनी रहे।
पूर्व डीजीपी विक्रम सिंह ने भी इस प्रवृत्ति पर चिंता जताते हुए कहा है कि वर्दी का इस्तेमाल मनोरंजन या रील बनाने के लिए नहीं किया जाना चाहिए, क्योंकि इससे पुलिसिंग की गंभीरता प्रभावित होती है।
इससे पहले भी फिरोजाबाद, औरैया और गाजियाबाद जैसे जिलों में वर्दी में रील बनाने और नियम तोड़ने पर कई पुलिसकर्मियों पर निलंबन की कार्रवाई हो चुकी है।
