CRPF ने सबसे बड़ा फैसला लेते हुए अपने पूरे वाहनों के ईंधन बजट में 10 प्रतिशत की कटौती लागू कर दी है। इसके तहत अब किसी भी अधिकारी को एक से अधिक सरकारी वाहन उपलब्ध नहीं कराया जाएगा। साथ ही मुख्यालय ने सभी इकाइयों से ईंधन बचत के नए सुझाव भी मांगे हैं ताकि संसाधनों का बेहतर उपयोग किया जा सके।
सबसे दिलचस्प बदलाव ग्राउंड लेवल पर देखने को मिल रहा है, जहां CRPF ने तय किया है कि जिन इलाकों में संभव होगा, वहां मोटरसाइकिल पेट्रोलिंग की जगह साइकिल से गश्त की जाएगी। इसका उद्देश्य न सिर्फ ईंधन की बचत करना है, बल्कि जवानों की फिटनेस को भी बेहतर बनाना है। हालांकि यह नियम संवेदनशील और उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में लागू नहीं होगा।
इसी तरह ITBP ने भी सख्त कदम उठाते हुए अपने अधिकारियों के सभी विदेशी दौरों पर फिलहाल रोक लगा दी है। साथ ही प्रशासनिक कार्यों और स्थिर तैनाती वाले क्षेत्रों में वाहनों के उपयोग को भी सीमित करने का निर्देश जारी किया गया है, ताकि अनावश्यक ईंधन खपत को रोका जा सके।
दोनों सुरक्षा बलों ने यह स्पष्ट किया है कि ईंधन बचत के इन उपायों का असर किसी भी हालत में देश की सुरक्षा और ऑपरेशनल तैयारियों पर नहीं पड़ेगा। आतंकवाद-रोधी अभियानों और सीमा सुरक्षा जैसी अहम ड्यूटी में लगे वाहनों को इस कटौती से पूरी तरह बाहर रखा गया है।
