जानकारी के अनुसार, इससे पहले 8 अप्रैल को पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान विवेक यादव नाम के मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया था, जो 7 वेबसाइटों के जरिए IPL मैचों पर सट्टा खिलाने का काम करता था। उसके पास से 4 मोबाइल फोन, 22,400 रुपए नकद, तमंचा और कारतूस भी बरामद हुए थे। जांच में सामने आया कि इस नेटवर्क के जरिए करीब 1.56 करोड़ रुपए के डिजिटल ट्रांजैक्शन किए गए थे, जबकि 13 बैंक खातों में जमा लगभग 25 लाख रुपए को फ्रीज कर दिया गया था।
पुलिस पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपी का नेटवर्क कई राज्यों तक फैला हुआ था और वह अपने रिश्तेदारों व साथियों के साथ मिलकर काम करता था। इस गैंग का संचालन संगठित तरीके से किया जा रहा था, जिसमें हर सदस्य को हिस्सेदारी दी जाती थी।
एसएसपी बीबी जीटीएस मूर्ति के अनुसार, आरोपी विवेक यादव बबीना के दुबकी गांव का रहने वाला है और लंबे समय से ऑनलाइन सट्टेबाजी में सक्रिय था। पुलिस टीम ने घेराबंदी के दौरान उसे पकड़ने की कोशिश की तो उसने फायरिंग भी की, लेकिन उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
जांच में यह भी सामने आया कि इस पूरे सट्टा रैकेट के जरिए आरोपी ने करीब 70 लाख रुपए की संपत्ति भी बना ली थी। पुलिस अब गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई कर रही है और आरोपियों की अवैध संपत्ति को जब्त करने की तैयारी में है। साथ ही पूरे नेटवर्क के फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंक की जांच की जा रही है ताकि सभी सहयोगियों को गिरफ्तार किया जा सके।
