कल्पा क्यों है खास
कल्पा सिर्फ एक गांव नहीं, बल्कि एक अनुभव है।
यह जगह अपने लिए जानी जाती है-
बर्फ से ढकी हिमालयी चोटियों के शानदार नज़ारे
देवदार और सेब के घने बागान
शांत और कम भीड़-भाड़ वाला वातावरण
सूर्योदय और सूर्यास्त का सुनहरा दृश्य
सुबह की पहली किरण जब किन्नर कैलाश की चोटियों पर पड़ती है, तो पूरा पर्वत सुनहरे और गुलाबी रंग में चमक उठता है यह नजारा पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर देता है।
यहां से दिखता है किन्नर कैलाश का सबसे सुंदर दृश्
कल्पा गांव को किन्नर कैलाश देखने के सबसे अच्छे पॉइंट्स में गिना जाता है।
इसके अलावा आप यहां से देख सकते हैं:
पूरी किन्नौर घाटी
बर्फीली हिमालयी श्रृंखलाएं
देवदार के जंगलों का फैला हुआ दृश्य
फोटोग्राफर्स के लिए यह जगह किसी “नेचुरल स्टूडियो” से कम नहीं है।
कल्पा कैसे पहुंचे?
सड़क मार्ग (सबसे आसान तरीका)
दिल्ली से बस: कश्मीरी गेट से रिकांग पिओ के लिए HRTC बस
रिकांग पिओ से टैक्सी/लोकल बस द्वारा कल्पा
कुल दूरी: लगभग 580–600 km
समय: 14–16 घंटे
नजदीकी रेलवे स्टेशन: शिमला
वहां से सड़क मार्ग से आगे यात्रा करनी होती है
नजदीकी एयरपोर्ट: शिमला एयरपोर्ट
वहां से टैक्सी द्वारा कल्पा
कल्पा में बजट से लेकर आरामदायक ठहरने की सुविधा आसानी से मिल जाती है:
होमस्टे, होटल और गेस्ट हाउस उपलब्ध
किराया लगभग ₹800 से शुरू
खाने में आप ट्राई कर सकते हैं:
किन्नौरी राजमा
सिद्दू
मोमो और थुकपा
देसी घी वाली रोटियां
ताजा सेब और एप्पल जूस
