यह मुकाबला लगभग 2 घंटे 14 मिनट तक चला, जिसमें दोनों खिलाड़ियों के बीच जबरदस्त संघर्ष देखने को मिला। पहले सेट में स्वितोलिना ने आक्रामक शुरुआत करते हुए आसानी से 6-2 से बढ़त बनाई। दूसरे सेट में स्वियातेक ने वापसी करते हुए मुकाबले को बराबरी पर ला दिया, लेकिन निर्णायक तीसरे सेट में स्वितोलिना ने बेहतरीन मानसिक मजबूती दिखाते हुए 6-2 से सेट और मैच अपने नाम कर लिया।
इस जीत के साथ ही एलिना स्वितोलिना ने 2017-18 के बाद पहली बार इटैलियन ओपन के फाइनल में जगह बनाई है। वह इससे पहले इस टूर्नामेंट में दो बार खिताब जीत चुकी हैं और अब तीसरी बार ट्रॉफी पर कब्जा जमाने से सिर्फ एक जीत दूर हैं।
फाइनल में उनका सामना अमेरिकी स्टार कोको गॉफ से होगा, जो लगातार दूसरी बार इस टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंची हैं। यह मुकाबला न केवल खिताबी होगा, बल्कि दोनों खिलाड़ियों के लिए सीजन का पहला WTA 1000 खिताब जीतने का मौका भी होगा।
स्वितोलिना और गॉफ के बीच अब तक 5 मुकाबले हो चुके हैं, जिनमें स्वितोलिना 3-2 से आगे हैं। इस सीजन में भी स्वितोलिना ने गॉफ को दो बार हराया है, जिससे उनका आत्मविश्वास और मजबूत नजर आ रहा है।
सेमीफाइनल में स्वितोलिना का प्रदर्शन बेहद प्रभावशाली रहा। उन्होंने 16 में से 11 ब्रेक पॉइंट्स बचाए और निर्णायक सेट में सभी 5 ब्रेक पॉइंट्स को सफलतापूर्वक डिफेंड किया। यह उनकी मानसिक मजबूती और दबाव में खेल को संभालने की क्षमता को दर्शाता है।
दूसरी ओर, कोको गॉफ लगातार शानदार फॉर्म में हैं और वह 1998-99 के बाद लगातार इटैलियन ओपन फाइनल में पहुंचने वाली सबसे कम उम्र की अमेरिकी खिलाड़ी बन गई हैं। यह मुकाबला अनुभव और युवा ऊर्जा के बीच एक रोमांचक टकराव माना जा रहा है।
उम्र के अंतर की बात करें तो दोनों खिलाड़ियों के बीच लगभग 9 साल 182 दिन का फर्क है, जो इस टूर्नामेंट के इतिहास में 1990 के बाद सबसे बड़ा अंतर माना जा रहा है।
अब सभी की निगाहें फाइनल मुकाबले पर हैं, जहां स्वितोलिना तीसरी बार खिताब जीतने के इरादे से उतरेंगी, जबकि कोको गॉफ पहली बार इस प्रतिष्ठित ट्रॉफी को अपने नाम करने की कोशिश करेंगी।
