एक दिन पहले तक पेट्रोल ₹106.45 और डीजल ₹91.83 प्रति लीटर बिक रहा था। अचानक हुई इस बढ़ोतरी से आम लोगों के बजट पर सीधा असर पड़ा है। खासकर दैनिक यात्रियों और ट्रांसपोर्ट कारोबारियों की चिंता बढ़ गई है।
पेट्रोल पंपों पर इसका असर भी देखने को मिला है। पहले जहां लंबी कतारें लगती थीं, अब वहां भीड़ काफी कम हो गई है। पेट्रोल पंप कर्मचारियों के अनुसार बिक्री में लगभग 40 से 50 प्रतिशत तक गिरावट दर्ज की गई है।
ग्राहकों का कहना है कि बढ़ती कीमतों के कारण अब वाहन का उपयोग सोच-समझकर करना पड़ेगा। कुछ लोग इलेक्ट्रिक वाहनों को बेहतर विकल्प मान रहे हैं, जबकि कई लोगों ने महंगाई को सीधे आम जनता पर बोझ बताया है।
विशेषज्ञों के अनुसार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की सप्लाई प्रभावित होने से यह बढ़ोतरी हुई है। युद्ध और भू-राजनीतिक तनाव के चलते तेल की कीमतें लगातार ऊपर जा रही हैं, जिसका असर भारत के ईंधन बाजार पर भी पड़ रहा है।
ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स सेक्टर में भी इसका असर दिखने लगा है और आने वाले समय में किराए और वस्तुओं की कीमतों में और बढ़ोतरी की आशंका जताई जा रही है।
