प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विवाद में एक दर्जन से अधिक लोग शामिल थे। दोनों पक्षों के बीच पहले बहस हुई और फिर अचानक लात-घूंसे चलने लगे। कुछ ही देर में लोगों ने एक-दूसरे पर पत्थर फेंकना शुरू कर दिया। सड़क पर काफी देर तक हंगामा चलता रहा और आसपास मौजूद लोग डर के कारण इधर-उधर भागते नजर आए।
इसी दौरान एक युवक स्कूटी से मौके से भागने की कोशिश कर रहा था। बताया जा रहा है कि वह तेज रफ्तार में वाहन चला रहा था, तभी उसका संतुलन बिगड़ गया और स्कूटी सीधे सड़क किनारे दीवार से जा टकराई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। उसके सिर में गहरी चोट आई और वह सड़क पर खून से लथपथ पड़ा रहा।
स्थानीय लोगों ने तुरंत घायल युवक को संभाला और संजय गांधी अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार युवक की हालत गंभीर बनी हुई है।
घटना के बाद स्थानीय लोगों में पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर भी नाराजगी देखने को मिली। रहवासियों का आरोप है कि घटना की सूचना कई बार पुलिस को दी गई, लेकिन पुलिस करीब दो घंटे बाद मौके पर पहुंची। लोगों का कहना है कि यदि पुलिस समय पर पहुंच जाती तो स्थिति इतनी बिगड़ती नहीं और हिंसा को रोका जा सकता था।
इलाके के लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि क्षेत्र में लगातार असामाजिक गतिविधियां बढ़ रही हैं, लेकिन नियमित पुलिस गश्त नहीं होने से बदमाशों के हौसले बुलंद हैं। देर रात हुई इस घटना के बाद क्षेत्र में भय और असुरक्षा का माहौल बना हुआ है।
फिलहाल पुलिस ने मामले का संज्ञान लेते हुए जांच शुरू कर दी है। सिटी कोतवाली थाना प्रभारी निशा मिश्रा ने बताया कि मारपीट और पथराव में शामिल लोगों की पहचान की जा रही है और जल्द ही आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
