नई दिल्ली। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में हाई ब्लडप्रेशर यानी Hypertension तेजी से आम समस्या बनता जा रहा है। पहले यह बीमारी बढ़ती उम्र के लोगों में ज्यादा देखी जाती थी, लेकिन अब युवाओं में भी इसका खतरा बढ़ रहा है। लगातार तनाव, खराब खानपान, नींद की कमी और घंटों बैठकर काम करना इसके प्रमुख कारण माने जाते हैं। ऐसे में योग और मेडिटेशन को बेहतर जीवनशैली का अहम हिस्सा माना जा रहा है। योग के कई आसनों में शवासन एक ऐसा आसान और प्रभावी योगासन है, जो मानसिक और शारीरिक दोनों स्तर पर राहत देने का काम करता है।
आयुष मंत्रालय भी हाई ब्लडप्रेशर और तनाव से राहत पाने के लिए योग को अपनाने की सलाह देता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, शवासन शरीर और दिमाग को गहरी शांति देने वाला आसन है। इसमें व्यक्ति पीठ के बल सीधा लेटकर शरीर को पूरी तरह ढीला छोड़ देता है और सांसों पर ध्यान केंद्रित करता है। यह प्रक्रिया शरीर के तनाव को कम करने में मदद करती है।
दरअसल, मानसिक तनाव हाई ब्लडप्रेशर बढ़ने का सबसे बड़ा कारण माना जाता है। जब व्यक्ति लगातार तनाव में रहता है, तो शरीर में तनाव बढ़ाने वाले हार्मोन सक्रिय हो जाते हैं। इससे दिल की धड़कन तेज होती है और ब्लडप्रेशर बढ़ने लगता है। शवासन दिमाग को शांत कर शरीर की नसों और मांसपेशियों को आराम पहुंचाता है। इससे तंत्रिका तंत्र धीरे-धीरे सामान्य स्थिति में आने लगता है।
दरअसल, मानसिक तनाव हाई ब्लडप्रेशर बढ़ने का सबसे बड़ा कारण माना जाता है। जब व्यक्ति लगातार तनाव में रहता है, तो शरीर में तनाव बढ़ाने वाले हार्मोन सक्रिय हो जाते हैं। इससे दिल की धड़कन तेज होती है और ब्लडप्रेशर बढ़ने लगता है। शवासन दिमाग को शांत कर शरीर की नसों और मांसपेशियों को आराम पहुंचाता है। इससे तंत्रिका तंत्र धीरे-धीरे सामान्य स्थिति में आने लगता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, शवासन के दौरान ली जाने वाली धीमी और गहरी सांसें शरीर में ऑक्सीजन के स्तर को बेहतर बनाती हैं। इससे रक्त प्रवाह संतुलित रहता है और ब्लडप्रेशर नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है। नियमित अभ्यास से मानसिक तनाव, चिंता और बेचैनी भी कम होने लगती है।
शवासन सिर्फ हाई ब्लडप्रेशर तक सीमित नहीं है, बल्कि यह शरीर की थकान दूर करने में भी असरदार माना जाता है। दिनभर काम करने के बाद शरीर में जो भारीपन और कमजोरी महसूस होती है, यह आसन उसे कम करने में मदद करता है। मांसपेशियों को पूरा आराम मिलने से शरीर फिर से ऊर्जा महसूस करता है।
नींद की समस्या से जूझ रहे लोगों के लिए भी शवासन फायदेमंद माना जाता है। यह दिमाग को शांत कर नींद की गुणवत्ता सुधारने में मदद कर सकता है। इसके अलावा पाचन तंत्र को बेहतर बनाने, कब्ज और गैस जैसी समस्याओं में राहत देने तथा ध्यान और एकाग्रता बढ़ाने में भी यह योगासन उपयोगी माना जाता है।
हालांकि, किसी भी बीमारी में योग को इलाज का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए। यदि किसी व्यक्ति को गंभीर हाई ब्लडप्रेशर या अन्य स्वास्थ्य समस्या है, तो योग शुरू करने से पहले डॉक्टर या योग विशेषज्ञ की सलाह लेना जरूरी है।
Disclaimer: यह जानकारी सामान्य स्वास्थ्य और योग संबंधी मान्यताओं पर आधारित है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या में विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।
Disclaimer: यह जानकारी सामान्य स्वास्थ्य और योग संबंधी मान्यताओं पर आधारित है। किसी भी स्वास्थ्य समस्या में विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।
