झांसी। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट मोहम्मद नेयाज अहमद अंसारी की अदालत ने छह वर्ष पुराने मासूम के अपहरण और उसके साथ कुकर्म के प्रयास के मामले में आरोपी को दोषी करार देते हुए सात वर्ष के कठोर कारावास तथा 20 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। न्यायालय के इस फैसले के बाद पीड़ित परिवार को राहत मिली है।
अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी कर रहे विशेष शासकीय अधिवक्ता विजय सिंह कुशवाह ने बताया कि 11 जून 2019 को थाना बरुआ सागर में एक व्यक्ति ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया था कि उसका सात वर्षीय पुत्र घर के बाहर खेल रहा था। इसी दौरान मऊरानीपुर थाना क्षेत्र के ग्राम चुरारा निवासी हृदेश रिछारिया उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया। आरोप है कि आरोपी बच्चे को सुनसान इलाके में ले गया और उसके साथ गलत काम करने का प्रयास किया।
मासूम के शोर मचाने और चीखने-चिल्लाने की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। लोगों को आता देख आरोपी बच्चे को जान से मारने की धमकी देकर वहां से फरार हो गया। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। विवेचना पूरी होने के बाद पुलिस ने न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया।
सुनवाई के दौरान अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें और प्रस्तुत साक्ष्यों का परीक्षण किया। दोष सिद्ध होने पर न्यायालय ने आरोपी को सात वर्ष की सजा और 20 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया।
