झाँसी। इस्कॉन झाँसी द्वारा मातृ दिवस के उपलक्ष्य में मंदिर प्रांगण में एक भव्य, सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रम का आयोजन अत्यंत श्रद्धा, उत्साह एवं भक्तिमय वातावरण में सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम में नगर के सैकड़ों श्रद्धालुओं, महिलाओं, माताओं एवं परिवारों ने सहभागिता कर आयोजन को यादगार बना दिया। मंदिर परिसर पूरे समय भक्ति संगीत, कीर्तन एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से गुंजायमान रहा।

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि समाजसेविका एवं मणिकर्णिका वूमेंस क्लब की अध्यक्षा सपना सरावगी रहीं। इस अवसर पर उनका मंदिर समिति द्वारा पुष्पगुच्छ एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर भव्य स्वागत किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित श्रद्धालुओं ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ उनका अभिनंदन किया।

अपने प्रेरणादायक संबोधन में सपना सरावगी ने भारतीय संस्कृति में मातृत्व के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि “माता केवल परिवार की आधारशिला नहीं होती, बल्कि वही समाज और राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य का निर्माण करती हैं। बच्चों के संस्कार, अनुशासन एवं चरित्र निर्माण में माता की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है।” उन्होंने मातृ शक्ति को सम्मान देने एवं परिवार में संस्कारयुक्त वातावरण बनाए रखने का संदेश दिया।

मातृ दिवस समारोह के दौरान मंदिर परिसर को आकर्षक पुष्प सज्जा एवं धार्मिक वातावरण से विशेष रूप से सजाया गया था। कार्यक्रम में माताओं के सम्मान हेतु विशेष सम्मान समारोह आयोजित किया गया, जिसमें विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट भूमिका निभाने वाली महिलाओं एवं माताओं को सम्मानित एवं पुरस्कृत किया गया। इस दौरान उपस्थित लोगों ने मातृ शक्ति के प्रति सम्मान एवं आभार व्यक्त किया।

भक्तिवेदांत विद्यालय के बच्चों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रम समारोह का प्रमुख आकर्षण रहे। बच्चों ने सुंदर नृत्य, नाट्य मंचन, भक्ति गीत एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति से ओतप्रोत प्रस्तुतियों पर श्रद्धालु भावविभोर दिखाई दिए।

कार्यक्रम में भजन-कीर्तन एवं संकीर्तन का आयोजन भी किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर सहभागिता की। मंदिर परिसर “हरे कृष्ण” महामंत्र की गूंज से भक्तिमय हो उठा। महिलाओं एवं बच्चों के लिए विशेष उपहार एवं सरप्राइज गतिविधियाँ भी आयोजित की गईं, जिससे कार्यक्रम में उत्साह का माहौल बना रहा।
अंत में मंदिर प्रबंधन समिति द्वारा सभी अतिथियों, श्रद्धालुओं एवं सहयोगकर्ताओं का आभार व्यक्त किया गया तथा प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। पूरा आयोजन सामाजिक समरसता, पारिवारिक मूल्यों एवं भारतीय संस्कृति के प्रति श्रद्धा का संदेश देने वाला रहा।
