नई दिल्ली। सिंगरौली जिले के झुरही क्षेत्र स्थित सजहर जंगल में बुधवार को भीषण आग लगने से वन क्षेत्र में हड़कंप मच गया। आग इतनी भयावह थी कि घंटों तक जंगल धधकता रहा और कई इमारती व हरे-भरे पेड़ जलकर राख हो गए। घटना का वीडियो सामने आने के बाद वन विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं।
स्थानीय लोगों के अनुसार, जंगल में सुबह से ही आग लगी हुई थी, लेकिन शुरुआती समय में उस पर प्रभावी नियंत्रण नहीं पाया जा सका। दोपहर बाद तेज हवाओं के चलते आग तेजी से फैल गई और देखते ही देखते बड़े इलाके को अपनी चपेट में ले लिया। दूर-दूर तक उठती आग की लपटें और काले धुएं का गुबार साफ दिखाई दे रहा था।
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें जंगल के कई पेड़ों को जलते हुए देखा जा सकता है। ग्रामीणों का आरोप है कि यदि समय रहते आग बुझाने के पर्याप्त इंतजाम किए जाते तो इतना बड़ा नुकसान टाला जा सकता था।
यह जंगल बरगवां, जियावन और सरई वन क्षेत्रों के बीच स्थित है, जहां बड़ी संख्या में वन संपदा और वन्य जीव मौजूद हैं। आग के कारण पेड़ों के साथ-साथ वन्य जीवों और पर्यावरण को भी नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है।
स्थानीय लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए वन विभाग की लापरवाही पर सवाल खड़े किए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जंगलों में आग की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन रोकथाम के लिए प्रभावी इंतजाम नजर नहीं आते।
स्थानीय लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए वन विभाग की लापरवाही पर सवाल खड़े किए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि जंगलों में आग की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन रोकथाम के लिए प्रभावी इंतजाम नजर नहीं आते।
उधर, उपवन मंडल अधिकारी ने बताया कि आग की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई थी और आग पर नियंत्रण पाने के लिए लगातार प्रयास किए गए। विभाग की ओर से नुकसान का आकलन किया जा रहा है और आग लगने के कारणों की जांच भी शुरू कर दी गई है। अधिकारी ने कहा कि जांच में यदि किसी प्रकार की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
