इसी बीच मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम का एक सोशल मीडिया बयान सामने आया है, जिसमें उन्होंने विजय को बधाई देते हुए तमिलनाडु की राजनीति में बदलाव की बात कही है। अपने संदेश में उन्होंने कहा कि तमिल समुदाय के साथ मलेशिया के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंध गहरे रहे हैं और वह उम्मीद करते हैं कि नया नेतृत्व इस रिश्ते को और मजबूत करेगा। उन्होंने विजय के चुनावी नारे “ओरु विरल पुरची” (एक उंगली क्रांति) का उल्लेख करते हुए इसे बदलाव की भावना से जोड़ा।
अनवर इब्राहिम ने अपने संदेश में यह भी कहा कि विजय लंबे समय तक फिल्मों में भ्रष्टाचार और अन्याय के खिलाफ लड़ते हुए दिखे हैं और अब जनता ने उन्हें वास्तविक जीवन में नेतृत्व की जिम्मेदारी दी है। उन्होंने इसे तमिलनाडु की राजनीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में वर्णित किया।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, तमिलनाडु की राजनीति लंबे समय से DMK और AIADMK के प्रभाव में रही है, और किसी नए राजनीतिक विकल्प का उभरना अपने आप में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। लेकिन वास्तविक राजनीतिक स्थिति, सीटों का बंटवारा और सत्ता परिवर्तन को लेकर अंतिम और आधिकारिक जानकारी चुनाव आयोग के प्रमाणित परिणामों पर ही निर्भर करती है।
कुल मिलाकर यह मामला अभी राजनीतिक चर्चा और दावों के स्तर पर ज्यादा है, जबकि जमीनी राजनीतिक तस्वीर आधिकारिक नतीजों और पुष्टि के बाद ही पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगी।
