लेकिन इस बदलते माहौल में एक ऐसा पक्ष भी सामने आया है जिसकी उम्मीद कम ही थी, और वह है फ्रिज तथा विजी-कूलर बनाने वाली कंपनियों का तेजी से बढ़ता कारोबार। जैसे-जैसे कंपनियां अपने-अपने उत्पादों को ग्राहकों तक जल्दी और आकर्षक तरीके से पहुंचाने की कोशिश कर रही हैं, वैसे-वैसे दुकानों में कूलिंग उपकरणों की मांग भी अप्रत्याशित रूप से बढ़ गई है।
छोटे किराना स्टोर हों या सड़क किनारे के ढाबे, हर जगह अब कांच के दरवाजों वाले विजी-कूलर एक आम दृश्य बनते जा रहे हैं, जिनमें रंग-बिरंगी कोल्ड ड्रिंक्स सजाई जाती हैं ताकि ग्राहक तुरंत आकर्षित हों और खरीदारी के लिए प्रेरित हों।
यह बदलाव केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं है बल्कि छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में भी तेजी से फैल रहा है, जहां पहले इस तरह की आधुनिक सुविधाएं सीमित थीं। कंपनियां अब खुद दुकानदारों के पास पहुंचकर अपने ब्रांड के कूलर लगा रही हैं, जिससे न केवल उत्पाद की दृश्यता बढ़ रही है बल्कि बिक्री में भी सीधा असर देखा जा रहा है।
कई दुकानदारों के लिए यह सुविधा इसलिए भी महत्वपूर्ण हो गई है क्योंकि वे महंगे रेफ्रिजरेशन सिस्टम खरीदने में सक्षम नहीं होते, ऐसे में कंपनियों द्वारा लगाए गए कूलर उनके व्यवसाय को भी बढ़ाने में मदद कर रहे हैं।
इस पूरी प्रक्रिया ने रिटेल बाजार की संरचना को धीरे-धीरे बदलना शुरू कर दिया है, जहां अब केवल उत्पाद की उपलब्धता ही नहीं बल्कि उसका प्रदर्शन भी उतना ही महत्वपूर्ण हो गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि जैसे-जैसे प्रतिस्पर्धा बढ़ती जाएगी, वैसे-वैसे कंपनियां अपने वितरण नेटवर्क को और मजबूत करेंगी और अधिक से अधिक दुकानों तक अपने कूलिंग सिस्टम पहुंचाएंगी।
इससे आने वाले समय में फ्रिज और विजी-कूलर उद्योग में लगातार वृद्धि देखने को मिल सकती है। कुल मिलाकर यह कहा जा सकता है कि कोल्ड ड्रिंक बाजार की यह लड़ाई जहां ब्रांड्स के बीच जारी है, वहीं इसके पीछे एक और बड़ा उद्योग चुपचाप तेजी से आगे बढ़ रहा है, जो पूरे रिटेल इकोसिस्टम को नई दिशा दे रहा है।
