घर बुलाकर दी गई खास सलाह
2011 में Steve Jobs ने Tim Cook को अपने घर बुलाया और उन्हें बताया कि वे Apple के अगले CEO बनें। यह बातचीत बेहद भावनात्मक और महत्वपूर्ण थी, क्योंकि उसी समय Steve Jobs की सेहत भी खराब चल रही थी।टिम कुक के अनुसार, उस मुलाकात में Jobs ने उन्हें एक बेहद सरल लेकिन गहरा संदेश दिया। कभी यह मत सोचो कि मैं क्या करता। बस वही करो जो सही हो।यह एक छोटी सी लाइन थी, लेकिन इसका प्रभाव Tim Cook के पूरे नेतृत्व जीवन पर पड़ा।
सलाह के पीछे की सोच
Steve Jobs चाहते थे कि Apple सिर्फ उनके विचारों पर निर्भर न रहे। वे जानते थे कि अगर कोई कंपनी हर फैसले में अपने फाउंडर को कॉपी करने लगे, तो वह आगे नहीं बढ़ सकती।
उन्होंने Tim Cook को समझाया कि, हर नेता को अपने निर्णय खुद लेने चाहिए। कंपनी को आगे बढ़ाने के लिए स्वतंत्र सोच जरूरी है। सिर्फ स्टीव जॉब्स क्या करते यह सोच कंपनी को रोक सकती है
डिज़्नी का उदाहरण
Tim Cook का नेतृत्व और Apple का विकास
Tim Cook ने अगस्त 2011 में Apple के CEO के रूप में पद संभाला। शुरुआत में लोगों को संदेह था कि क्या Apple Steve Jobs के बिना भी उसी गति से आगे बढ़ पाएगा या नहीं।
लेकिन Tim Cook के नेतृत्व में Apple ने सर्विस सेक्टर में बड़ा विस्तार किया।
एप्पल म्यूजिक, आईक्लाउड और ऐप स्टोर को मजबूत किया
कंपनी को ट्रिलियन डॉलर वैल्यू तक पहुंचाया । ग्लोबल मार्केट में अपनी पकड़ और मजबूत कीस्टीव जॉब्स और टिम कुक की यह कहानी सिर्फ एक कंपनी ट्रांजिशन नहीं, बल्कि नेतृत्व की असली परिभाषा है। यह हमें सिखाती है कि सच्चा नेता वह नहीं होता जो सिर्फ निर्देश देता है, बल्कि वह होता है जो आने वाली पीढ़ी को स्वतंत्र सोच और सही निर्णय लेने की प्रेरणा देता है।Steve Jobs की दी गई यह सलाह आज भी दुनियाभर के लीडर्स के लिए एक प्रेरणा स्रोत बनी हुई है।
