महोत्सव में भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए प्रतिनिधियों को आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से अपना पंजीकरण पूरा करना होगा। प्रक्रिया को पारदर्शी और सुलभ बनाने के लिए इसे ऑनलाइन रखा गया है, जहां नए आवेदकों को अपना विवरण साझा कर प्रोफाइल तैयार करनी होगी। सामान्य प्रतिभागियों के लिए पंजीकरण शुल्क 500 रुपये तय किया गया है, लेकिन सिनेमा की बारीकियों को समझने के लिए उत्सुक छात्रों को बड़ी राहत देते हुए उनके लिए पंजीकरण पूरी तरह निशुल्क रखा गया है। आयोजकों का उद्देश्य अधिक से अधिक युवाओं को वैश्विक सिनेमाई दृष्टिकोण और आधुनिक फिल्म निर्माण की तकनीकियों से जोड़ना है।
पुरस्कारों की दृष्टि से इस वर्ष का महोत्सव अत्यंत भव्य होने वाला है। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय श्रेणियों में प्रतिस्पर्धा करने वाली फिल्मों के लिए कुल 55 लाख रुपये की पुरस्कार राशि निर्धारित की गई है। महोत्सव के दौरान प्रदान किए जाने वाले गोल्डन और सिल्वर कोंच अवॉर्ड्स फिल्म जगत में काफी प्रतिष्ठित माने जाते हैं। इसके साथ ही भारतीय सिनेमा के महान फिल्मकार के नाम पर दिया जाने वाला वी. शांताराम लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड इस साल भी चर्चा का केंद्र रहेगा। इसके अलावा नवाचार और तकनीकी कौशल को प्रोत्साहित करने के लिए प्रमोद पति अवॉर्ड, तकनीकी उत्कृष्टता पुरस्कार और सर्वश्रेष्ठ नवोदित निर्देशक जैसे सम्मान भी प्रदान किए जाएंगे।
फिल्मों के प्रदर्शन के साथ-साथ यह महोत्सव बौद्धिक चर्चाओं और कौशल विकास का भी केंद्र बनेगा। सात दिनों तक चलने वाले इस आयोजन में रेड कार्पेट इवेंट्स, दिग्गज फिल्मकारों की मास्टरक्लास और पैनल डिस्कशन जैसी गतिविधियां शामिल होंगी। इस वर्ष का एक मुख्य आकर्षण ‘वेव्स डॉक बाजार’ होगा, जिसमें पहली बार इमर्सिव मार्केट को पेश किया जा रहा है, जो फिल्म निर्माताओं को अपनी कृतियों के विपणन और नए निवेशकों से जुड़ने के आधुनिक अवसर प्रदान करेगा। यह आयोजन न केवल कला की सराहना करने का स्थान है, बल्कि यह भारतीय और वैश्विक फिल्म उद्योग के भविष्य की नई इबारत लिखने का एक सशक्त माध्यम बनकर उभरेगा।
