शुक्रवार को ढाका पहुंचे मोहसिन नकवी ने बांग्लादेश के गृह मामलों के सलाहकार सलाहुद्दीन अहमद समेत कई वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। बातचीत के बाद दोनों देशों ने ड्रग तस्करी, साइबर अपराध और आंतरिक सुरक्षा से जुड़े मामलों में सहयोग बढ़ाने के लिए समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए।
समझौते के तहत पाकिस्तान और बांग्लादेश की एजेंसियां नशीले पदार्थों की तस्करी रोकने, अवैध नेटवर्क पर कार्रवाई करने और खुफिया जानकारियों के आदान-प्रदान में मिलकर काम करेंगी। इसके अलावा सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारियों को आधुनिक तकनीक और प्रशिक्षण उपलब्ध कराने पर भी सहमति बनी है।
इस दौरे का सबसे चर्चित हिस्सा ‘सेफ सिटी प्रोजेक्ट’ रहा। पाकिस्तान ने ढाका में बड़े पैमाने पर CCTV कैमरे लगाने और निगरानी सिस्टम विकसित करने का प्रस्ताव दिया है। इसे शहर की सुरक्षा बढ़ाने और अपराध पर नजर रखने के लिए अहम कदम बताया जा रहा है। बताया जा रहा है कि यह मॉडल उसी तरह का होगा, जैसा चीन ने पाकिस्तान के कई शहरों में तैयार किया है।
पाकिस्तानी गृह मंत्रालय के अनुसार, दोनों देशों के बीच पुलिस अकादमियों में ट्रेनिंग सहयोग, साइबर फ्रॉड की जांच और डिजिटल अपराधों से निपटने के लिए संयुक्त कार्यक्रम चलाने पर भी चर्चा हुई। इसके लिए सचिव स्तर का एक संयुक्त कार्य समूह बनाने पर भी सहमति बनी है, जो दोनों देशों के बीच सुरक्षा सहयोग को आगे बढ़ाएगा।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बांग्लादेश में सत्ता परिवर्तन और शेख हसीना सरकार के कमजोर पड़ने के बाद पाकिस्तान लगातार अपने प्रभाव को मजबूत करने की कोशिश कर रहा है। पिछले कुछ महीनों में दोनों देशों के बीच राजनयिक और रणनीतिक संपर्क तेजी से बढ़े हैं।
इससे पहले फरवरी में पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार और बांग्लादेश के विदेश मंत्री डॉ. खलीलुर्रहमान के बीच भी संबंध मजबूत करने को लेकर अहम बातचीत हुई थी।
ڈھاکہ۔وفاقی وزیرداخلہ و نارکوٹکس کنٹرول محسن نقوی کی بنگلہ دیش کے وزیر داخلہ صلاح الدین احمد سے ملاقات
وزرائے داخلہ کا دونوں وزارت داخلہ کے درمیان سیکرٹری لیول جوائنٹ ورکنگ گروپ تشکیل دینے پر اتفاق pic.twitter.com/A5LVsVWWga— Ministry of Interior GoP (@MOIofficialGoP) May 9, 2026
