दरअसल, नवाबगंज ब्लॉक के ग्राम सतिया सुरजापुर निवासी जयश वर्मा, जो समाजवादी पार्टी के पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ के प्रदेश सचिव के भतीजे बताए जा रहे हैं, ने अपनी शादी को अलग अंदाज देने का फैसला किया। उन्होंने पारंपरिक धार्मिक रस्मों के बजाय भारतीय संविधान की प्रस्तावना पढ़ते हुए विवाह किया और समानता, स्वतंत्रता तथा आपसी सम्मान के मूल्यों को अपने वैवाहिक जीवन का आधार बताया।
शादी समारोह में मौजूद लोगों के सामने जयश वर्मा और उनकी जीवनसाथी ने संविधान के प्रति आस्था जताते हुए नई जिंदगी की शुरुआत की। इस दौरान समारोह में शामिल लोगों ने भी इस अनोखी पहल को उत्सुकता से देखा। शादी की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद यह मामला जिलेभर में चर्चा का विषय बन गया है।
जयश वर्मा का कहना है कि भारत जैसे विविधताओं वाले देश में हर धर्म और समुदाय की अपनी परंपराएं हैं, लेकिन सभी नागरिकों को समान अधिकार और सुरक्षा भारतीय संविधान देता है। उनका मानना है कि जब संविधान हर व्यक्ति के अधिकारों की रक्षा करता है, तो जीवन के सबसे महत्वपूर्ण फैसले की शुरुआत भी उसी मूल भावना के साथ होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य किसी परंपरा का विरोध करना नहीं, बल्कि संविधान में निहित समानता, न्याय और सम्मान के मूल्यों को अपने जीवन में अपनाना है। जयश के इस फैसले को कुछ लोग नई सोच और सामाजिक बदलाव की मिसाल बता रहे हैं, जबकि कुछ लोग इसे परंपराओं से अलग कदम मानकर चर्चा कर रहे हैं।
फिलहाल गोंडा की यह अनोखी शादी लोगों के बीच बहस और जिज्ञासा दोनों का विषय बनी हुई है। कई लोग इसे आधुनिक सोच और संवैधानिक मूल्यों से जुड़ी नई पहल बता रहे हैं, तो कुछ इसे सामाजिक परंपराओं से हटकर उठाया गया साहसिक कदम मान रहे हैं।
