झाँसी। बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, के पर्यटन एवं होटल प्रबंधन संस्थान में अतिथि प्रवक्ता के रूप में सेवारत रहे डॉ. सत्येंद्र चौधरी का चयन केंद्रीय विश्वविद्यालय पंजाब के पर्यटन एवं आतिथ्य प्रबंधन विभाग में सहायक आचार्य के पद पर हुआ है। यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए गौरव और प्रेरणा का विषय है।
पूर्व में डॉ. चौधरी बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, झाँसी के पर्यटन एवं होटल प्रबंधन संस्थान में अतिथि प्रवक्ता के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे थे। शिक्षण, शोध और अकादमिक उत्कृष्टता के क्षेत्र में उनका योगदान उल्लेखनीय रहा है। डॉ. सत्येंद्र चौधरी ने धार्मिक पर्यटन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण श्रीराम वनगमन पथ (रामायण सर्किट) पर आधारित पीएचडी की है।
उनके शोध का केंद्र होटल व्यवसाय, पर्यटन तथा आध्यात्मिक एवं धार्मिक परिवेश के अध्ययन पर आधारित रहा है, जो भारतीय धार्मिक पर्यटन के विकास में महत्वपूर्ण योगदान प्रदान करता है। शोध एवं अकादमिक क्षेत्र में उनकी सक्रियता निरंतर रही है। अब तक वे अनेक राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय शोध पत्र प्रकाशित कर चुके हैं। इसके अतिरिक्त उनके नाम कई पेटेंट दर्ज हैं तथा तीन पुस्तकें भी प्रकाशित हो चुकी हैं, जो पर्यटन एवं आतिथ्य प्रबंधन के क्षेत्र में विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों के लिए उपयोगी सिद्ध हो रही हैं।
उनकी इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर परिवारजनों, मित्रों, शिक्षकों, सहकर्मियों एवं शुभचिंतकों ने हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उनकी यह सफलता यह सिद्ध करती है कि निरंतर परिश्रम, समर्पण और लक्ष्य के प्रति दृढ़ निष्ठा से किसी भी ऊंचाई को प्राप्त किया जा सकता है।
