आरोपी किसानों को यह विश्वास दिलाता था कि उनके ट्रैक्टर को वह अधिक किराए पर चलवाएगा, जिससे उन्हें अच्छा मुनाफा मिलेगा। इसी लालच में आकर किसान अपने ट्रैक्टर उसे सौंप देते थे। शुरुआत में सब कुछ सामान्य लगता था, लेकिन बाद में न तो उन्हें तय किया गया किराया मिलता था और न ही उनका वाहन वापस किया जाता था।
जांच में सामने आया है कि आरोपी ट्रैक्टरों को एक जगह से दूसरी जगह ले जाकर या तो बेच देता था या फिर उन्हें गिरवी रखकर पैसे हासिल करता था। इस तरह वह कई किसानों को आर्थिक नुकसान पहुंचा चुका था। सबसे बड़ी समस्या यह थी कि वह अपनी पहचान छिपाने के लिए बार-बार अपने मोबाइल नंबर और ठिकाने बदलता रहता था, जिससे उसे पकड़ना बेहद मुश्किल हो गया था।
पीड़ित किसानों की शिकायतों के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। इसके बाद तकनीकी जानकारी और स्थानीय स्तर पर मिली सूचनाओं के आधार पर आरोपी की तलाश तेज की गई। लगातार प्रयासों के बाद पुलिस को सफलता मिली और आरोपी को पकड़ लिया गया।
गिरफ्तारी के बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे पुलिस रिमांड पर लिया गया है। पुलिस अब उससे गहन पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस धोखाधड़ी में और कौन लोग शामिल हैं और उसने अब तक कितने लोगों को निशाना बनाया है।
पुलिस को शक है कि यह मामला केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं हो सकता और इसके पीछे कोई संगठित तरीका भी हो सकता है। इसी वजह से पूरे मामले की गहराई से जांच की जा रही है और अन्य संभावित आरोपियों की तलाश भी की जा रही है।
इस घटना के बाद अधिकारियों ने किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी है। उन्हें बताया गया है कि किसी भी प्रकार के अनजान व्यक्ति या आकर्षक ऑफर पर बिना जांच-पड़ताल किए अपने उपकरण या वाहन न सौंपें।
