घटना अन्नपूर्णा थाना क्षेत्र की है। पुलिस के अनुसार, पीड़िता सुनिता पाल ने संगीता मोटवानी और उनके पति कमल मोटवानी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप है कि दंपति ने धनवंतरी निवास सिल्वर पैलेस कॉलोनी में स्थित अपने फ्लैट का सौदा 47 लाख रुपए में तय किया, जबकि वह पहले से ही बैंक में गिरवी रखा हुआ था।
सौदे के तहत पीड़िता ने पहले 1 लाख रुपए बयाने के रूप में दिए और 6 जून 2025 को सेल एग्रीमेंट होने के बाद 5 लाख रुपए का चेक भी दिया गया, जिसे आरोपियों ने नकद कर लिया। इसके बाद टैक्स भुगतान के नाम पर भी पीड़िता से रकम खर्च करवाई गई, जिसमें हाउस टैक्स और अन्य देनदारियां शामिल थीं।
जब रजिस्ट्री का समय आया, तब आरोपियों ने खुलासा किया कि फ्लैट पर बैंक से लोन लिया गया है। जांच में सामने आया कि फ्लैट पर करीब 23 लाख रुपए का कर्ज बकाया है। जबकि इस महत्वपूर्ण जानकारी का जिक्र सेल एग्रीमेंट में नहीं किया गया था।
पीड़िता का आरोप है कि जब उसने पूरी रकम की व्यवस्था कर ली और रजिस्ट्री की बात की, तो दंपति ने सौदा करने से इनकार कर दिया। इतना ही नहीं, आरोप है कि उन्होंने समाज के कुछ लोगों को बुलाकर पीड़िता को धमकाया और मानसिक दबाव बनाया।
मामला बढ़ने पर पीड़िता ने पुलिस अधिकारियों को लिखित शिकायत दी। जांच के बाद पुलिस ने इसे प्रथम दृष्टया धोखाधड़ी मानते हुए दंपति के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है और आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
यह मामला एक बार फिर प्रॉपर्टी खरीदते समय पूरी जांच-पड़ताल और दस्तावेजों की पुष्टि की जरूरत को रेखांकित करता है, ताकि इस तरह की धोखाधड़ी से बचा जा सके।
