शेरगिल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के जरिए अपनी अपील में कहा कि ये सिख दंपति लंबे समय से भारत लौटने का इंतजार कर रहे हैं लेकिन जरूरी अनुमति नहीं मिलने के कारण उनकी वापसी संभव नहीं हो पा रही है उन्होंने विदेश मंत्री एस. जयशंकर से व्यक्तिगत रूप से हस्तक्षेप करने का अनुरोध किया है ताकि इन परिवारों को सुरक्षित भारत लाया जा सके
बताया जा रहा है कि ईरान से भारत के लिए महान एयरवेज की एक फ्लाइट 5 मई को संचालित होने वाली है लेकिन एयरलाइन ने स्पष्ट कर दिया है कि बिना भारत सरकार की अनुमति के इन यात्रियों को साथ लाना संभव नहीं होगा यही कारण है कि यह मामला अब और गंभीर हो गया है और तत्काल समाधान की जरूरत महसूस की जा रही है
दरअसल ईरान में हालिया हालात के चलते वहां का एयरस्पेस काफी समय तक बंद रहा था जिसकी वजह से कई लोग वहीं फंस गए थे हालांकि अब धीरे-धीरे उड़ानों का संचालन शुरू किया जा रहा है और अलग-अलग देशों के नागरिकों को सुरक्षित निकालने की प्रक्रिया भी जारी है लेकिन कई मामलों में प्रशासनिक औपचारिकताओं के कारण देरी हो रही है
इस बीच विदेश मंत्री एस जयशंकर और ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची के बीच हाल ही में फोन पर बातचीत भी हुई है इस बातचीत में दोनों नेताओं ने मौजूदा हालात के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की और संपर्क में बने रहने पर सहमति जताई इससे उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में फंसे भारतीयों की वापसी को लेकर कुछ सकारात्मक कदम उठाए जा सकते हैं
ईरानी दूतावास की ओर से भी इस बातचीत की पुष्टि की गई है जिसमें बताया गया कि दोनों देशों के बीच सीजफायर क्षेत्रीय हालात और द्विपक्षीय संबंधों को लेकर विस्तार से चर्चा हुई है ऐसे में यह कूटनीतिक संवाद भी इस पूरे मामले में अहम भूमिका निभा सकता है
गौरतलब है कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव का असर सिर्फ क्षेत्रीय राजनीति तक सीमित नहीं है बल्कि आम नागरिकों की जिंदगी पर भी इसका सीधा असर पड़ रहा है खासकर वे लोग जो विदेश में फंसे हुए हैं उनके लिए हालात चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं ऐसे में सरकारों की जिम्मेदारी और भी बढ़ जाती है कि वे अपने नागरिकों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करें फिलहाल सभी की निगाहें भारत सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं और उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही कोई ठोस निर्णय लेकर इन फंसे हुए सिख परिवारों को राहत दी जाएगी
