सुनवाई के दौरान जांच एजेंसियों ने अदालत को जानकारी दी कि उन्होंने अपनी-अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी है। हालांकि, गिरफ्तारी या आगे की कार्रवाई को लेकर कोई सीधा जवाब देने से बचा गया। एजेंसियों की ओर से यह भी कहा गया कि जांच की प्रक्रिया के तहत सभी पहलुओं पर विचार किया जा रहा है और निर्णय तथ्यों के आधार पर ही लिया जाएगा।
इसी बीच याचिकाकर्ता पक्ष की ओर से यह सवाल उठाया गया कि मामले में जिन लोगों को प्रमुख भूमिका में बताया जा रहा है, उनके खिलाफ अब तक सख्त कार्रवाई क्यों नहीं हुई। इस मुद्दे पर अदालत में चर्चा के दौरान कई कानूनी बिंदु सामने रखे गए।
सुनवाई के दौरान यह भी सामने आया कि रिपोर्ट को अदालत में औपचारिक रूप से रिकॉर्ड में लिया गया है और मामले को आगे की सुनवाई के लिए निर्धारित किया गया है। अदालत ने यह भी संकेत दिया कि सभी पक्षों को सुनने के बाद ही किसी निष्कर्ष पर पहुंचा जाएगा, ताकि प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे।
इस पूरे घटनाक्रम ने मामले को एक बार फिर सुर्खियों में ला दिया है। वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े इस केस पर अब सभी की नजरें अगली सुनवाई पर टिकी हैं, जहां आगे की कानूनी दिशा तय होने की संभावना है।
