पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने 20 ओवर में 5 विकेट के नुकसान पर 185 रन बनाए। शुरुआत थोड़ी धीमी रही, लेकिन मध्यक्रम ने पारी को संभालते हुए स्कोर को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। जेमिमा रोड्रिग्स ने तेजतर्रार बल्लेबाजी करते हुए 43 रन बनाए और टीम को स्थिरता दी। इसके बाद दीप्ति शर्मा और ऋचा घोष ने मिलकर अंतिम ओवरों में आक्रामक बल्लेबाजी की और नाबाद साझेदारी करते हुए टीम को चुनौतीपूर्ण स्कोर तक पहुंचाया।
दीप्ति शर्मा ने इस मैच में अपनी बल्लेबाजी से भी अहम भूमिका निभाई और 26 गेंदों पर 36 रन बनाए। उनकी पारी में चौकों की झड़ी देखने को मिली, जिसने टीम को जरूरी तेजी दी। ऋचा घोष ने भी तेजी से रन बनाते हुए 34 रनों का योगदान दिया और दोनों ने मिलकर पारी को मजबूत अंत दिया।
लक्ष्य का पीछा करने उतरी दक्षिण अफ्रीका की टीम शुरुआत से ही दबाव में नजर आई। भारतीय गेंदबाजों ने सटीक लाइन और लेंथ से बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। इसी दौरान दीप्ति शर्मा ने गेंदबाजी में कमाल कर दिया और अपने स्पेल में 5 विकेट हासिल किए। उनकी कसी हुई गेंदबाजी के आगे विपक्षी बल्लेबाज टिक नहीं सके।
दक्षिण अफ्रीका की टीम पूरे 20 ओवर भी नहीं खेल सकी और 171 रन पर सिमट गई। हालांकि सुने लुस और तंजिम ब्रिट्स ने कुछ संघर्ष जरूर दिखाया, लेकिन बाकी बल्लेबाज भारतीय गेंदबाजी के सामने ज्यादा देर तक टिक नहीं पाए।
इस बेहतरीन प्रदर्शन के लिए दीप्ति शर्मा को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। उनके इस ऑलराउंड प्रदर्शन ने भारत की जीत में निर्णायक भूमिका निभाई और टीम को सीरीज में पहली जीत दिलाई।
अब सीरीज का अंतिम मुकाबला खेला जाना बाकी है, जिसमें भारतीय टीम अपनी जीत की लय को बनाए रखने की कोशिश करेगी। हालांकि सीरीज में दक्षिण अफ्रीका अब भी आगे है, लेकिन इस जीत ने भारत का आत्मविश्वास जरूर बढ़ा दिया है और टीम ने मजबूत वापसी का संकेत दिया है।
