पहली घटना बैतूल-आमला मार्ग पर बाघवाड़ सोमवारी के पास हुई, जहां मजदूरी करके घर लौट रहे 23 वर्षीय युवक गोलू पुत्र जगन उइके की दर्दनाक मौत हो गई। बताया जा रहा है कि शाम के समय जब वह काम खत्म कर घर लौट रहा था, तभी किसी अज्ञात वाहन ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। हादसा इतना गंभीर था कि मौके पर ही उसकी हालत बिगड़ गई। स्थानीय लोगों की मदद से उसे अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस घटना के बाद उसके परिवार में कोहराम मच गया। गोलू अपने छोटे भाई ऋषि के साथ मजदूरी कर परिवार की जिम्मेदारियां संभालता था।
दूसरी घटना गोंदी गोला क्षेत्र की है, जहां 23 वर्षीय रोशन पुत्र पिंटू टेकाम की सड़क हादसे में जान चली गई। रोशन शादी समारोह में शामिल होकर देर रात अपने गांव लौट रहा था। बताया गया कि वह बाइक से अकेला था और रास्ते में किसी कारणवश नियंत्रण खो बैठा। कुछ देर बाद वह गांव के पास सड़क किनारे अचेत अवस्था में पड़ा मिला। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टर उसे बचा नहीं सके। रोशन अपने परिवार का सहारा था और उसकी असमय मौत से घर में मातम छा गया है।
तीसरी और सबसे दर्दनाक घटना चिचोली थाना क्षेत्र के सेहरा गांव की है। यहां 35 वर्षीय राजकुमार पुत्र शिवराम ने पारिवारिक विवाद के बाद आत्महत्या कर ली। बताया गया कि वह शाम को खेत से घर लौटा था और उसने अपनी मां से तीन हजार रुपये मांगे थे, जो उसे कुएं में मोटर डालने के लिए चाहिए थे। पैसे नहीं मिलने पर घर में विवाद बढ़ गया। इसी तनाव में आकर उसने खेत में रखी खरपतवार नाशक दवा पी ली। हालत बिगड़ने पर उसे तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां आईसीयू में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। राजकुमार तीन बेटियों और एक बेटे का पिता था और परिवार की जिम्मेदारियों का बोझ उसी पर था।
लगातार हुई इन तीन घटनाओं ने बैतूल जिले को गहरे सदमे में डाल दिया है। पुलिस ने तीनों मामलों में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है और हादसों के कारणों का पता लगाया जा रहा है।
