घटना गुरुवार शाम की है जब तिरुपति गार्डन क्षेत्र से 9 वर्षीय नैतिक सोनकर और 11 वर्षीय सम्राट अचानक लापता हो गए। दोनों बच्चे शाम करीब 6 बजे तक गार्डन में क्रिकेट खेल रहे थे लेकिन कुछ ही देर बाद उनका कोई पता नहीं चला। परिवार ने जब तलाश शुरू की तो सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए जिसमें एक युवती बच्चों को अपने साथ ले जाती हुई नजर आई। इसी के बाद मामला गंभीर हो गया और पुलिस को सूचना दी गई।
बच्चों के दादा पूनमचंद जयदेव ने पुलिस को बताया कि उन्हें एक वीडियो कॉल के जरिए 15 लाख रुपए की फिरौती की मांग की गई है। कॉल आने के तुरंत बाद फोन बंद कर दिया गया जिससे मामला और संदिग्ध हो गया। सूचना मिलते ही टीआई सुरेंद्र रघुवंशी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की गई।
पुलिस ने तुरंत कई थानों की टीमों को सक्रिय किया जिनमें संयोगितागंज बड़ी ग्वालटोली राजेंद्र नगर द्वारकापुरी तुकोगंज और पलासिया थाना शामिल थे। साथ ही जिस नंबर से फिरौती की कॉल आई थी उसे सर्विलांस पर लगाया गया और उसकी लोकेशन ट्रेस की जाने लगी। इसी दौरान सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस ने आरोपी युवती के रूट की पहचान की जिससे जांच को दिशा मिली।
जांच के दौरान पता चला कि सभी आरोपी आपस में व्हाट्सएप के जरिए संपर्क में थे और वहीं से योजना बनाई गई थी। एक नंबर से ही वीडियो कॉल कर फिरौती की मांग की गई थी। पुलिस ने तकनीकी निगरानी और मुखबिर तंत्र की मदद से लोकेशन ट्रेस करते हुए राजेंद्र नगर के दत्त नगर स्थित एक बिल्डिंग पर दबिश दी जहां बच्चों को रखा गया था।
एसीपी तुषार सिंह ने बताया कि पुलिस टीम ने बेहद सतर्कता से कार्रवाई करते हुए आरोपियों को घेर लिया। पुलिस को देखते ही आरोपियों ने भागने की कोशिश की लेकिन सभी को मौके पर ही पकड़ लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों में विनीत पिता राजेश उम्र 22 वर्ष राधिका पिता राजेश उम्र 18 वर्ष ललित पिता दशरथ सेन उम्र 21 वर्ष और तनीषा पति ललित उम्र 21 वर्ष शामिल हैं।
पुलिस के अनुसार तनीषा ने ही बच्चों को अपने साथ ले जाने की योजना बनाई थी और वह राधिका की सहेली है। अच्छी बात यह रही कि बच्चों को किसी तरह की चोट या नुकसान नहीं पहुंचाया गया और दोनों पूरी तरह सुरक्षित पाए गए। मेडिकल जांच के बाद उनकी स्थिति सामान्य बताई गई है।
इस पूरे ऑपरेशन में इंदौर पुलिस की तेज कार्रवाई और समन्वय की सराहना की जा रही है। महज कुछ घंटों में अपहरण जैसे गंभीर मामले का खुलासा कर बच्चों को सुरक्षित बरामद करना पुलिस की बड़ी सफलता मानी जा रही है। फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है ताकि इस साजिश के पीछे के पूरे नेटवर्क और कारणों का पता लगाया जा सके।
