त्रिकोणीय प्रेम प्रसंग के चलते हुई थी आशिक की हत्या

पुलिस ने हत्यारोपियों को गिरफ्तार कर भेजा जेल

दतिया/भांडेर (राजेश गिरी)। भांडेर में बीते दिनों 9 जुलाई को लहार रोड शंकर जी मंदिर के पास पथर्रा नारायण निवासी वीरेंद्र सेन के सैलून के बाहर अभय यादव पुत्र लाखन सिंह ने आशिक यादव पुत्र प्रमोद कुमार की 315 बोर के अवैध कट्टे से गोली मारकर हत्या कर दी थी और मौके पर मौजूद मृतक के भाई आशीष द्वारा भाई को बचाने के दौरान उसे जान से मारने की धमकी भी दी। हत्यारा और मृतक दोनों ही भांडेर थाना क्षेत्र पथर्रा नारायण के रहने वाले थे। इस वारदात को अंजाम देने में अभय के साथ वारदात के वक्त उसका पिता लाखन सिंह यादव पुत्र राय सिंह सहित उसके दो साथी देवेंद्र यादव पुत्र संतराम तथा अभिषेक यादव पुत्र राजू निवासीद्वय अजीतपुरा का सहयोग रहा। अपराह्न 3 बजकर 10 मिनिट पर इस वारदात को अंजाम देने के बाद चारों आरोपित मौके से फरार हो गए थे। जिसके बाद मृतक आशिक के बड़े भाई आशीष की शिकायत पर भांडेर पुलिस ने चारों आरोपितों के विरुद्ध अपराध क्र. 237/23 धारा 302, 294, 506, 34 ताहि में प्रकरण पंजीबद्ध कर इस मामले को विवेचना में लिया गया।

 

दिनदहाड़े सरेराह हुए इस हत्याकांड के बाद पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए घटना के अगले ही दिन 10 जुलाई को चार आरोपितों में से दो सहयोगी आरोपियों देवेंद्र यादव तथा अभिषेक यादव को मुखबिर की सूचना पर अजीतपुरा के पास स्थित गौशाला, जहां ये छिपे हुए थे, से गिरफ्तार कर भांडेर न्यायालय में पेश कर जेल भेजने की कार्यवाही को अंजाम दिया। पुलिस के सामने अब असल चुनौती शेष दो आरोपितों की गिरफ्तारी थी जो कि घटना के बाद से ही फरार चल रहे थे। इधर अभय यादव व्हाट्सएप पर सक्रिय रहा और अपने स्टेटस पर आक्रामक पोस्टें शेयर कर रहा था जिसका मकसद पीड़ित पक्ष में भय पैदा करना था। जिसके चलते पीड़ित पक्ष ने दतिया पहुंचकर एसपी प्रदीप शर्मा को आवेदन देकर वस्तुस्थिति से अवगत कराया। जिसके बाद एसपी ने दोनों फरार आरोपियों पर तीस-तीस हजार का ईनाम घोषित कर दिया।

 

गांव जाने बेरछ तिराहे पर इंतजार करने के दौरान धरा गया मुख्य आरोपी

गुरुवार का दिन आशिक हत्याकांड मामले में पुलिस के लिए उपलब्धि भरा दिन रहा। मुखबिर से पुलिस को सूचना मिली कि अभय यादव अपने गांव पथर्रा नारायण जाने किसी साधन के इंतजार में बेरछ तिराहे पर खड़ा हुआ है। जिसके बाद सक्रिय हुई पुलिस ने उसे मुखबिर के बताए जगह से गिरफ्तार कर लिया।

 

प्रेम प्रसंग के चलते दिया वारदात को अंजाम

गिरफ्तार कर अभय से भांडेर थाने पर पूछताछ की गई तो उसने एक लड़की के साथ तिहरे प्रेम प्रसंग को आशिक की हत्या की मुख्य वजह बताई। इसके अलावा उसने हत्या में प्रयुक्त 315 बोर के कट्टे के विषय में भी पुलिस को जानकारी दी कि उसने उसे नर्सरी में झाड़ियों के बीच छिपा दिया था। जब उसकी निशानदेही पर पुलिस वहां पहुंची तो उसे वहां कट्टा सहित दो जिंदा राउंड तथा एक चला हुआ खोखा मिला। मुख्य आरोपी अभय को कार्यवाही उपरांत न्यायालय में पेश किया जाएगा। फिलहाल इस मामले में अभय का पिता लाखन सिंह फरार चल रहा है।

 

दिन ढलते ही घर में हो जाते हैं कैद

मुख्य आरोपी के गिरफ्तार होने के बाद भी पीड़ित पक्ष भय के साये में जी रहा है। इस मामले में जब मृतक आशिक के बड़े भाई आशीष से बात की तो उसने बताया कि अभी भी लाखन सिंह बाहर है और हालात यह हैं कि रोज रात में बदमाश गांव में आते हैं और गांव के बाहर फायर करके चले जाते हैं। जिसकी जानकारी सुबह गांव वालों से मिलती है। अभी भी हम लोग डरे हुए हैं और दिन ढलते ही अपने घर में कैद हो जाते हैं। यह पूछे जाने पर कि क्या इसकी जानकारी पुलिस को दी तो इसका जबाव न में था।

 

मृतक और मुख्य आरोपी आपस में चचेरे भाई थे

इस घटना का मुख्य आरोपी और मृतक दोनों का संबंध एक ही परिवार से था। लेकिन इनके बीच करीब दो से तीन पीढ़ियों के अंतर होने से दूर के रिश्ते से दोनों आपस में चचेरे भाई थे।

 

इस कार्यवाही को अंजाम देने में थाना प्रभारी भांडेर शशि कुमार मौर्य, उनि अनिरुद्ध सिंह परिहार, उनि अवतार सिंह यादव, सउनि मलखान सिंह, प्रआर उदय सिंह, आर कमल किशोर, आर वीरसिंह, मआर रोहिणी शर्मा तथा मआर नीतू राजा थाना भांडेर की विशेष भूमिका रही।

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